1991 के गंभीर संकट से लेकर आज विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने तक, भारत की विकास यात्रा अद्भुत और ऐतिहासिक रही है।
भारत की ऐतिहासिक आर्थिक यात्रा:
'गहने गिरवी रखने' से 'वैश्विक नेतृत्व' तक
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (1991 का संकट):
एक समय वह भी था जब 1990-91 में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नेतृत्व में भारत इतिहास के सबसे गंभीर भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट से जूझ रहा था।
विदेशी मुद्रा भंडार इस कदर खत्म हो चुका था कि भारत के पास मात्र दो सप्ताह के आयात का पैसा बचा था। देश को डिफॉल्ट होने से बचाने के लिए, तत्कालीन सरकार को बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के पास अपने देश का सोना (Gold) गिरवी रखना पड़ा था।
2. 2013 का 'Fragile Five' का दौर:
साल 2013 में दिग्गज वित्तीय संस्था मॉर्गन स्टेनली ने भारत को तुर्की, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशियाके साथ 'Fragile Five' (पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाएं) की श्रेणी में डाल दिया था।
उस समय भारत काचालू खाता घाटा (CAD) बहुत अधिक था और विदेशी रेटिंग एजेंसियों (S&P, Moody's, Fitch) ने भारत कीरेटिंग को निवेश के सबसे निचले स्तर (BBB- / Baa3) पर लाकर खड़ा कर दिया था, जिसके आगे सिर्फ 'जंक' (कबाड़) स्टेटस बचा था।
3. 2014 के बाद ऐतिहासिक सुधार और जीडीपी:
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आने के बाद देश में कई कड़े और बड़े ढांचागत सुधार किए गए(जैसे- GST, डिजिटलीकरण, बैंकिंग क्लीन-अप और बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड खर्च)। महामारी के झटके को पीछे छोड़ते हुए भारत निरंतर 6.5% से 8.2% की वार्षिक दर से आगे बढ़ा और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़तीबड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।
4. रेटिंग एजेंसियों का बदला रुख और मूडीज (Moody's) का ताजा अनुमान:
कल ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया है। मूडीज का कहना है कि वैश्विक तनावों के बावजूद भारत की घरेलू खपत और मजबूत निवेश नेदेश को हर झटके से सुरक्षित रखा है। इसके साथ ही, S&P ग्लोबल ने भी भारत की रेटिंग आउटलुक को अपग्रेडकर BBB (Stable) कर दिया है।
5. 35 साल बाद जापानी रेटिंग एजेंसी (JCR) का ऐतिहासिक ऐलान:
हाल ही में जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (JCR) ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड कर सीधे "A-" (Stable)कर दिया है। पिछले 35 सालों के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने भारत को फिर से संभ्रांत और प्रतिष्ठित "A" कैटेगरी क्लबमें जगह दी है।
6. वैश्विक नेताओं द्वारा पीएम मोदी की सराहना:
आज दुनिया के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष खुले मंच से प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण, कार्यशैली और दूरदर्शिता की सराहनाकरते हैं:
जो बाइडेन (अमेरिका): क्वॉड (Quad) मंच पर मोदी के तकनीकी और लोकतांत्रिक विज़न के मुरीद हैं।
जॉर्जिया मेलोनी (इटली): उन्होंने पीएम मोदी को खुले तौर पर "दुनिया का सबसे पसंदीदा नेता" बताया।
एंथनी अल्बनीज (ऑस्ट्रेलिया): सिडनी के विशाल जनसमूह के सामने उन्होंने पीएम मोदी को "द बॉस" कहकरसंबोधित किया।
इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस): जलवायु और वैश्विक कूटनीति में मोदी के नेतृत्व की लगातार तारीफ करते हैं।
7. विदेशी संबंधों में अभूतपूर्व सुधार:
पिछले एक दशक में भारत की विदेश नीति 'गुटनिरपेक्षता' से आगे बढ़कर 'सक्रिय बहु-संरेखण' (Multi-alignment) में बदल चुकी है। खाड़ी देशों (यूएई और सऊदी अरब) के साथ ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते हुएहैं, और भारत ने अपनी G20 अध्यक्षता के जरिए ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की बुलंद आवाज बनकरअंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना लोहा मनवाया है।
🏆 निष्कर्ष: विश्व के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजे गए पीएम मोदी 🏆
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर के देशों और प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थाओं द्वारा दिए गए अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की कुल संख्या 35 से 36 तक पहुंच चुकी है।
इन पुरस्कारों को यदि वर्गीकृत किया जाए, तो स्थिति इस प्रकार है:
🌍 सर्वोच्च नागरिक और राजकीय सम्मान (Highest Civilian & State Honours)
विभिन्न मित्र राष्ट्रों द्वारा सीधे तौर पर पीएम मोदी को दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मानों (Highest Civilian Awards) की संख्या अब तक करीब 35 हो चुकी है। इनमें हाल ही में मिले कुछ ऐतिहासिक और नए सम्मान भी शामिल हैं
उज्बेकिस्तान (30 अगस्त 2026): उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान"ओली दराजली दोस्तलिक" (Oliy Darajali Do'stlik) ऑर्डर प्रदान किया गय
इंडोनेशिया (7 जुलाई 2026): राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा देश का सर्वोच्च सम्मान "बितांग आदिपूर्ण" (Bintang Adipurna) दिया गया।
नाइजीरिया (2024): महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद नाइजीरिया का सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर'पाने वाले वह दूसरे विदेशी गणमान्य व्यक्ति बने।
इसके अलावा फ्रांस, रूस, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, भूटान, मालदीव, ग्रीस, और फिजी जैसे देशों के शीर्षतम राजकीय पुरस्कार इस सूची का गौरव हैं।
🎖️ अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं संस्थागत सम्मान
कुल 35 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की इस बड़ी संख्या में कई प्रतिष्ठित वैधानिक, विधायी(Parliamentary) और वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार भी शामिल हैं, जिन्होंने इस आंकड़े को 35 के पार पहुंचाया है:
इज़राइल की संसद का सम्मान (फरवरी 2026): इज़राइली संसद द्वारा उन्हें 'मेडल ऑफ द नेसेट' (Medal of the Knesset) से सम्मानित किया गया।
यूनाइटेड नेशंस (UN): संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' (Champions of the Earth) अवार्ड।
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन: स्वच्छता अभियान के लिए 'ग्लोबल गोलकीपर अवार्ड'।
सियोल शांति पुरस्कार: वैश्विक सद्भाव और आर्थिक विकास में योगदान के लिए दक्षिण कोरिया काप्रतिष्ठित सम्मान।
यह आंकड़ा इस बात की पुष्टि करता है कि पीएम मोदी आधुनिक इतिहास में दुनिया भर से सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सम्मान पाने वाले भारतीय नेता बन चुके हैं।

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