Sunday, August 9, 2026

असम बाढ़ राहत कोष के लिए दान की अपील

 Details of People Affected by the Assam Floods

The monsoon floods in Assam have impacted over 10 lakh (1 million) people across more than 15 districts.  

 Worst-Hit Districts: Sivasagar, Charaideo, Dhemaji, Lakhimpur, Jorhat, Dibrugarh, Majuli, and Tinsukia. Sivasagar and Charaideo alone accounted for hundreds of thousands of displaced residents.  

 Casualties: The death toll reached 85, with several people reported injured or missing during peak inundation waves.  

 Displacement & Damage: Over 330+ villages were submerged, destroying more than 2,200 houses (fully or partially). Tens of thousands of displaced families were forced to take shelter in government-run relief camps, on elevated embankments, or along roadsides.  

 Agricultural & Infrastructure Loss: Over 24,000 hectares of cropland were submerged, and extensive damage was caused to roads, bridges, and power grids, cutting off electricity to more than 60,000 households at peak disruption.  

विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदान की गई सेवाएं (Services Extended in Hindi)

1. स्थानीय ग्रामीण एवं स्वयंसेवक (Local Volunteers & Villagers)

 रेस्क्यू ऑपरेशन: बिना किसी सरकारी सहायता के इंतजार किए, स्थानीय युवाओं और मजदूरों ने अपनी देसी नावों (country boats) और बांस के बेड़ों से उफनती नदियों के बीच फंसे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकाला।

 तुरंत भोजन और पानी: जलमग्न इलाकों में कट चुके पड़ोसी परिवारों तक सूखा राशन, मोमबत्तियां और पीने का पानी पहुंचाया।

2. सिख समुदाय एवं गुरुद्वारा समितियां (Sikh Community & Khalsa Aid)

 लंगर सेवा: स्थानीय गुरुद्वारों (जैसे शिवसागर गुरुद्वारा और धुबरी साहिब) तथा 'खालसा एड' ने 24 घंटे निरंतर लंगर चलाकर हजारों बाढ़ पीड़ितों को गरम भोजन कराया।

 आश्रय एवं बिजली सहायता: बिजली गुल होने के दौरान गुरुद्वारों में जनरेटर चलाकर लोगों को मुफ्त मोबाइल चार्जिंग, रोशनी और पीने का पानी उपलब्ध कराया।

 राहत सामग्री: नावों और ट्रैक्टरों के माध्यम से दूर-दराज़ के बाढ़ प्रभावित गांवों में सूखे राशन की किट, तिरपाल (tarpaulins), और पानी साफ करने की गोलियां बांटीं।

3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) / सेवा भारती (Seva Bharati)

 राहत कार्य: 1,900 से अधिक स्वयंसेवकों ने नावों के ज़रिए 380 से अधिक गांवों के 40,000 से अधिक परिवारों तक सहायता पहुंचाई।

 स्वास्थ्य सेवा: नेशनल मेडिकोस ऑर्गनाइजेशन (NMO) के सहयोग से 50 से अधिक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर (Medical Camps) लगाए, जहां जलजनित बीमारियों का इलाज और मुफ्त दवाइयां दी गईं।

 आजीविका पुनरुद्धार: भारतीय किसान संघ के सहयोग से बाढ़ में नष्ट हुई फसलों की भरपाई के लिए किसानों को धान के पौधे (saplings) वितरित किए।

4. सरकारी एजेंसियां एवं रक्षा बल (ASDMA, BRO & Emergency Teams)

 राहत शिविर: असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) और SDRF/NDRF की टीमों ने दर्जनों राहत शिविर (Relief Camps) और सामग्री वितरण केंद्र चलाए.

 वित्तीय सहायता: असम सरकार ने प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और तात्कालिक सहायता के लिए सीधे बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की।

 बीआरओ (BRO): बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन के कर्मियों और उनके परिवारों ने स्वेच्छा से धन और आवश्यक राहत सामग्री एकत्र कर पीड़ितों में बांटी।

5. गैर-सरकारी संगठन (NGOs & Civil Society)

 अर्चना बोरठाकुर एजुकेशन ट्रस्ट, प्रियोबंधु और कैरिटास इंडिया: जैसी संस्थाओं ने महिलाओं और बच्चों के लिए सैनिटरी किट, हाइजीन किट, तिरपाल, और बच्चों के लिए अध्ययन सामग्री बांटी।

Appreciation and Gratitude of Rescued Victims

The survivors and rescued residents expressed profound gratitude towards the rescuers and volunteers who stepped up during their most desperate moments:

 Unsung Local Heroes: Villagers in Sivasagar and Charaideo tearfully thanked local boatmen and young volunteers who risked their lives in dark, turbulent currents to rescue families stuck on rooftops and high shelves before official teams could reach them.

 A Lifeline in Dark Hours: Families stranded on roadsides and in makeshift relief camps expressed immense relief for the round-the-clock langar and dry rations provided by Sikh groups and RSS volunteers, noting that without these hot meals and clean drinking water, children and the elderly would have suffered severe malnutrition and illness.

 Gratitude for Medical Camps: Mothers and senior citizens praised the mobile health camps organized by medical volunteers and NGOs, highlighting that timely access to medicines for skin infections and fever saved vulnerable infants during post-flood disease outbreaks.


असम बाढ़ राहत कोष के लिए दान की अपील

"आपकी एक छोटी सी सहायता, किसी का जीवन बचा सकती है"

असम में आई विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं और उनके घर, फसलें तथा जीवन भर की जमा पूंजी जलमग्न हो गई है। इस कठिन समय में प्रभावित लोगों को भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयों और सुरक्षित आश्रय की तत्काल आवश्यकता है।

आपकी ओर से दिया गया योगदान बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने और उन्हें पुनर्वास में मदद करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आपके दान का उपयोग कैसे होगा?

 आपातकालीन भोजन व पेयजल: बेघर परिवारों तक सूखा राशन, पका हुआ भोजन और पीने का पानी पहुंचाना।

 चिकित्सा एवं स्वच्छता किट: जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यक दवाइयां, फर्स्ट-एड किट और सैनिटरी सामग्री।

 अस्थायी आश्रय: प्रभावितों के लिए तिरपाल (tarpaulins), कंबल, मोमबत्तियां और मच्छरदानियां।

 पुनर्वास व सहायता: जलस्तर घटने के बाद घरों की मरम्मत, किसानों को फसल बीज और बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना।


दान देने के तरीके (How to Donate)

आप निम्नलिखित आधिकारिक और सत्यापित माध्यमों से सीधे योगदान दे सकते हैं:


असम बाढ़ राहत: मदद के लिए आगे आएं! 

असम में आई भीषण बाढ़ से लाखों लोग बेघर हो गए हैं। हजारों परिवार इस वक्त भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयों और सिर छुपाने की जगह के लिए तरस रहे हैं।

आपकी छोटी सी मदद किसी का जीवन बचा सकती है।

आप इस प्रकार सहायता कर सकते हैं:

1. मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund - Assam)

 Account Name: Chief Minister's Relief Fund, Assam

 Account No: ⁠35969660230⁠

 IFSC Code: ⁠SBIN0010755⁠

 Bank: State Bank of India, Secretariat Branch, Dispur

 PAN (Tax Exemption 80G): ⁠AAATC4667K⁠


2. ऑनलाइन पोर्टल द्वारा दान करें:

cm.assam.gov.in पर जाकर सीधे UPI (GPay/PhonePe/Paytm), नेट बैंकिंग या कार्ड से योगदान दें।


हमारा लक्ष्य:

 बेघर परिवारों तक पका हुआ भोजन व राशन पहुंचाना

 बच्चों व महिलाओं के लिए चिकित्सा व स्वच्छता किट देना

 जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ पीने का पानी और तिरपाल प्रदान करना


कृपया इस संदेश को अपने मित्रों और ग्रुप्स में शेयर करें। आपका एक शेयर भी राहत कार्य में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है! 🙏


(सुरक्षा नोट: दान केवल आधिकारिक और सत्यापित बैंक विवरण या क्यूआर कोड के माध्यम से ही करें।)


सहायता का हाथ बढ़ाएं

राशि छोटी हो या बड़ी, आपका हर योगदान बाढ़ पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है। यदि आप वित्तीय योगदान करने में असमर्थ हैं, तो इस संदेश को अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करके भी राहत प्रयासों में मदद कर सकते हैं।

Saturday, August 8, 2026

बुजुर्गों के लिए सूखे मेवों और बीजों के सही उपयोग

नमस्ते। 70 वर्ष के बुजुर्गों के लिए सूखे मेवों और बीजों के सही उपयोग पर आधारित संदेश नीचे दिया गया है:

70 वर्ष के बुजुर्गों के लिए सर्वोत्तम नुस्खा और सावधानियां

1. सबसे बेहतरीन और सुरक्षित रेसिपी

सामग्री (प्रति व्यक्ति):

 * बादाम (Badam): 4 से 5 (रातभर भिगोए हुए और छिले हुए)

 * अखरोट (Akhrot): 1 से 2 टुकड़े (रातभर भिगोए हुए)

 * कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): 1 छोटा चम्मच (रातभर भिगोए हुए)

 * अलसी या चिया बीज (Flax/Chia Seeds): 1 छोटा चम्मच (रातभर भिगोए हुए)

 * छोटी इलायची पाउडर (Elaichi): 1 चुटकी (पाचन के लिए)

 * तरल आधार: 150-200 मिलीलीटर हल्का गुनगुना पानी या हल्का उबला हुआ गाय का दूध

बनाने की विधि:

 * रात को बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और अलसी/चिया बीज को पानी में भिगो दें।

 * सुबह पानी फेंक दें और बादाम का छिलका उतार लें।

 * इन सभी को 150-200 मिलीलीटर गुनगुने पानी या दूध और एक चुटकी इलायची पाउडर के साथ मिक्सर में बिल्कुल बारीक पीस लें ताकि कोई मोटा टुकड़ा न रहे।

2. इस नुस्खे के फायदे (Benefits)

 * मस्तिष्क और याददाश्त: बादाम और अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 दिमाग को सक्रिय रखने में मदद करते हैं।

 * जोड़ों और हड्डियों का स्वास्थ्य: कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम और जिंक हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए फायदेमंद हैं।

 * पाचन में आसानी: बीजों और मेवों को भिगोने से उनकी तासीर सामान्य हो जाती है और वे पचने में आसान हो जाते हैं।

 * हृदय स्वास्थ्य: स्वस्थ वसा (Healthy Fats) कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने और हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।

3. संभावित जोखिम (Risks)

 * भारीपन या गैस: बिना भिगोए या अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में भारीपन, गैस या अपच हो सकती है।

 * गले में अटकना: यदि बीजों को ठीक से न पीसा जाए, तो बुजुर्गों के गले या भोजन नली में खिंचाव आ सकता है।

4. सेवन का सही समय: भोजन से पहले या बाद?

 * सर्वोत्तम समय (Best Time): सुबह का नाश्ता करने के 1 to 1.5 घंटे बाद (लगभग 10:00 AM से 11:00 AM के बीच)।

 * कारण: खाली पेट बहुत गाढ़ा या भारी शेक पीने से एसिडिटी या पेट में भारीपन हो सकता है। नाश्ते के बाद जब पाचन क्रिया सक्रिय होती है, तब इसका सेवन करना सबसे अच्छा और पचने में आसान रहता है।

 * विकल्प: आप इसे शाम को चाय के समय (5:00 PM) भी ले सकते हैं।

5. 70 वर्ष के बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां (Precautions)

 * काजू और मूंगफली से बचें: काजू और मूंगफली पचने में भारी होते हैं और यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं, इसलिए इन्हें इस मिश्रण में न मिलाएं।

 * छिलका जरूर उतारें: बादाम का छिलका हटाना जरूरी है, क्योंकि छिलका पचने में कठिनाई पैदा करता है।

 * चीनी या खजूर का प्रयोग सीमित रखें: यदि शुगर (डायबिटीज) की समस्या है, तो इसमें चीनी, खजूर या अंजीर न मिलाएं।

 * मात्रा पर नियंत्रण रखें: मेवों की मात्रा सीमित रखें (जैसे 4-5 बादाम और 1 अखरोट), अधिक मात्रा से पाचन बिगड़ सकता है।

 * बारीक पीसना अनिवार्य है: निगलने में आसानी के लिए मिश्रण पूरी तरह चिकना और बारीक होना चाहिए।

(नोट: यदि किसी व्यक्ति को गुर्दे की बीमारी (Kidney Disease), उच्च यूरिक एसिड या गंभीर पाचन संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही मात्रा तय करें।)


बुजुर्गों के लिए सुबह के सर्वोत्तम और सुरक्षित पेय (Healthy Morning Drinks for Seniors)

1. सौंफ और अजवाइन का पानी (Saunf-Ajwain Water)

 किसके लिए फायदेमंद: पेट की गैस, भारीपन, अपच और खट्टी डकारों से राहत दिलाने में।

 बनाने का तरीका: रात को आधा चम्मच सौंफ और आधा चम्मच अजवाइन 1 गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसे छानकर हल्का गुनगुना करके पिएं।

 विशेषता: यह पेट को ठंडा और शांत रखता है तथा पाचन अग्नि को सुचारू करता है।

2. जीरा और धनिया का पानी (Jeera-Dhania Water)

 किसके लिए फायदेमंद: पाचन क्रिया में सुधार, बीपी नियंत्रण और शरीर की अंदरूनी सफाई (Detox) के लिए।

 बनाने का तरीका: आधा चम्मच जीरा और आधा चम्मच साबुत धनिया रातभर 1 गिलास पानी में भिगोएं। सुबह छानकर सामान्य तापमान (Room Temperature) पर पिएं।

 विशेषता: यह बहुत ही हल्का होता है और पेट की जलन को दूर करता है।

3. हल्दी और काली मिर्च का गुनगुना पानी (Turmeric & Black Pepper Water)

 किसके लिए फायदेमंद: जोड़ों के दर्द, गठिया (Arthritis) और शरीर की सूजन कम करने के लिए।

 बनाने का तरीका: 1 गिलास हल्के गुनगुने पानी में एक चौथाई (\bm{\frac{1}{4}}) चम्मच शुद्ध हल्दी और एक चुटकी ताजी पिसी काली मिर्च मिलाएं।

 विशेषता: काली मिर्च हल्दी के असर (Curcumin) को शरीर में तेजी से अवशोषित होने में मदद करती है।

4. हल्का नींबू और सेंधा नमक का पानी (Warm Lemon & Rock Salt Water)

 किसके लिए फायदेमंद: कब्ज से राहत, शरीर को हाइड्रेट रखने और सुबह पेट साफ करने के लिए।

 बनाने का तरीका: 1 गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ें और एक चुटकी सेंधा नमक (Saindhava Lavana) मिलाएं।

 विशेषता: यह आंतों की सफाई में मदद करता है।

(नोट: यदि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो नमक न मिलाएं।)

5. चने का सत्तू का पानी (Chana Sattu Drink)

 किसके लिए फायदेमंद: मांसपेशियों की मजबूती, प्राकृतिक प्रोटीन और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए।

 बनाने का तरीका: 1 गिलास सामान्य पानी में 1 से 2 चम्मच भुने चने का सत्तू, चुटकी भर भुना जीरा पाउडर और चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर अच्छी तरह घोल लें।

 विशेषता: यह सुपाच्य प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है जो शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता।

6. ताज़ा लौकी या खीरे का रस (Fresh Lauki or Cucumber Juice)

 किसके लिए फायदेमंद: हृदय स्वास्थ्य, एसिडिटी कम करने और शरीर को ठंडक देने के लिए।

 बनाने का तरीका: लौकी या खीरे को थोड़ा पानी और पुदीने की पत्तियों के साथ पीसकर अच्छी तरह छान लें।

 सावधानी: लौकी का जूस बनाने से पहले उसे चखकर देख लें। यदि लौकी कड़वी हो, तो उसका प्रयोग बिल्कुल न करें।

सेवन के लिए मुख्य निर्देश:

1. समय: इन पेयों को सुबह उठकर बैठने की स्थिति में धीरे-धीरे (घूंट-घूंट करके) पिएं। ठोस नाश्ता करने से 20-30 मिनट पहले लेना सबसे उपयुक्त रहता है।

2. तापमान: बुजुर्गों को बहुत ठंडा या बर्फ का पानी नहीं पीना चाहिए। पेय हमेशा गुनगुना या सामान्य तापमान पर होना चाहिए।

Friday, August 7, 2026

WhatsApp Message and Social Sites Uses

Majority of whatsapp members and group members share and forward flowers, good morning messages and pictures of various God and Godess. There is nothing bad in it. It gives us divine message.


A few send informative and motivating messages but ninety percent of members do not read them and simply forward to others. 


This is why ill minded devil persons have started making fake false and deep fake videos which immediately reaches in the hands of lacs of people. 


News containing negative messages run with accelerating speed whereas positive information laden messages has almost no movement and no followers. 


India has become victim of fake messages and rumours several times in this age of social sites and this has become a powerful bomb stronger than atom bomb. 


We have therefore to understand ground realities and do what is good for us , for our families , for our society and for our country.


ज़्यादातर WhatsApp और ग्रुप मेंबर्स फूल, 'गुड मॉर्निंगमैसेज और देवी-देवताओं की तस्वीरें 

शेयर और फ़ॉरवर्ड करते हैं। इसमें कुछ भी बुरा नहीं है। यह हमें ईश्वरीय संदेश देता है।


कुछ लोग जानकारी देने वाले और मोटिवेट करने वाले मैसेज भी भेजते हैंलेकिन 90% मेंबर्स उन्हें पढ़ते नहीं हैं और बस दूसरों को फ़ॉरवर्ड कर देते हैं। 


इसीलिए बुरे इरादे वाले लोगों ने फ़ेक और डीप-फ़ेक वीडियो बनाना शुरू कर दिया हैजो तुरंत लाखों लोगों तक पहुँच जाते हैं। नेगेटिव मैसेज वाली खबरें तेज़ी से फैलती हैंजबकि अच्छी जानकारी वाले मैसेज  के बराबर आगे बढ़ते हैं और उन्हें ज़्यादा लोग नहीं देखते। 


भारत कई बार फ़ेक मैसेज और अफ़वाहों का शिकार हो चुका है और सोशल मीडिया के इस दौर में यह एटम बम से भी ज़्यादा खतरनाक हथियार बन गया है।


इसलिएहमें ज़मीनी हकीकत को समझना होगा और वही करना होगा जो हमारेहमारे परिवारसमाज और देशके लिए अच्छा हो।

Let us pledge to stop spreading negativity and start sharing only knowledge and positivity laden informations.

आइए, हम नकारात्मकता फैलाने से बचने और केवल ज्ञान व सकारात्मकता से भरी जानकारी साझा करने का संकल्प लें।

Stop Forwarding, Start Verifying: Let’s Clean Up Our Digital Space! 📱⚡

Did you know that nearly 90% of messages are forwarded without being read or verified?


Every time we blindly share viral videos, sensational claims, or deepfake content, we are not just sharing a message—we are spreading digital pollution. Fake news and manipulated videos move faster than the truth because they trigger anger and panic. Unchecked rumors pose a direct threat to our families, our peace, and our nation.


Your 3-Step Digital Safety Pledge:

  • Pause Before You Press: Ask yourself—Is this verified? Is this helpful?
  • Check the Source: Do not trust sensational videos or unverified voice notes. Verify facts using established news outlets before believing them.
  • Break the Chain: Stop forwarding unread messages. Be the filter that stops rumors, not the amplifier that spreads them.

Your thumb holds real power. Use it to protect your community, not mislead it.

Forward Truth, Not Rumors. 🇮🇳


फॉरवर्ड करने से पहले सोचें: आइए अपने डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाएं! 📱⚡

क्या आप जानते हैं कि व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले लगभग 90% मैसेज लोग बिना पढ़े और बिना जांचे ही आगे बढ़ा देते हैं?


जब हम बिना सोचे-समझे भड़काऊ वीडियोफर्जी खबरें या 'डीपफेककंटेंट शेयर करते हैंतो हम केवल एक मैसेज नहीं भेज रहे होतेहम समाज में डिजिटल प्रदूषण फैला रहे होते हैं। 


झूठी खबरें और अफवाहें सच से भी तेजी से फैलती हैं क्योंकि वे डर और गुस्से को भड़काती हैं। बिना जांच की गई अफवाहें हमारे परिवारसमाज और देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।


एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए 3 संकल्प:

  • रुकें और सोचें: फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले खुद से पूछेंक्या यह खबर सच हैक्या इसे आगे भेजना देशया समाज के हित में है?

  • सच्चाई की जांच करें: बिना किसी विश्वसनीय स्रोत के भड़काऊ मैसेज या वीडियो पर भरोसा  करें। पहले सही माध्यमों से पुष्टि करें।

  • भ्रम की कड़ी तोड़ें: बिना पढ़े और बिना जांचे मैसेज आगे भेजना बंद करें। अफवाहों को रोकने का माध्यम बनेंउन्हें फैलाने का नहीं।

आपकी एक उंगली में बहुत ताकत है। इसका उपयोग जागरूकता फैलाने के लिए करेंभ्रम फैलाने के लिए नहीं।

सच्चाई को आगे बढ़ाएं, अफवाहों को नहीं। 🇮🇳


 
चाहे हम परिवार में होंशादी-ब्याह मेंहोटल में या किसी दावत मेंजब हमें कुछ खाना होता हैतो हम सैकड़ों तरह के खाने में से वही चुनते हैं जो हमारी सेहत के लिए अच्छा हो। हम जैसा खाते हैंवैसे ही बन जाते हैंअगर हम सिर्फ़ हेल्दी खाना खाएंतो हमारा शरीर भी फिट रहता है।


इसी तरहहमारा दिमाग़ अलग-अलग जगहों से जानकारी लेता है और उसी से हमारी किस्मत बनती है। हमें अलग-अलग लोगों और बाहरी स्रोतों से कई तरह की जानकारी मिलती है। 


हम जो पढ़तेसुनते और देखते हैंवह हमारे दिमाग़ में गहराई तक बैठ जाता है और हमारी सोच को आकार देता है। अगर हम अच्छी जानकारी चुनेंतो यह हमारे दिमाग़ को मज़बूत बनाती है। वहींबुरी जानकारी एक बार पढ़नेसुनने या देखने पर दिमाग़ में गहराई तक चली जाती है और हमारी ज़िंदगी खराब कर सकती है।


जब हमें सोशल मीडिया पर कोई मैसेज या वीडियो मिलता हैतो वह तुरंत हमारे दिमाग़ को संकेत देता है कि कंटेंट अच्छा है या बुरा। हमें बुरे मैसेज तुरंत डिलीट कर देने चाहिए और उन्हें देखने या पढ़ने का जोखिम कभी नहीं उठाना चाहिए। क्योंकि एक बार बुरा मैसेज देख या पढ़ लेने पर उसे दिमाग़ से मिटाना मुश्किल होता है। 


इसलिएबुरे मैसेज को बिना पढ़े या देखे तुरंत डिलीट करने की आदत डालें।


स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ दिमाग़ ज़रूरी है।

सिर्फ़ स्वस्थ शरीर ही अच्छा काम कर सकता है।


एक पुरानी कहावत है, 

"जब धन खोता है तो कुछ नहीं खोता; जब सेहत खोती है तो कुछ खोता है; लेकिन जब चरित्र खोता है तो विनाश निश्चित है "


If we have to eat something in our family or in marriage ceremony or in hotel or in any feast, we select food out of hundreds of available varieties only those which are healthy for us. What we eat we become and our food makes our body fit into if we consume only healthy food.


Similarly mind gets information from various sources and it creates our destiny. We receive various information from various people and other outside sources. 


What we read, listen and watch they goes deep into our mind and they are creator of our thought process and ultimately these information empowers our mind if we choose only good information. Bad information once read or listened or watch go deep into our mind and can spoil our life.


When we receive any message or video on our society platform , they immediately send signals to our mind whether the content is good or bad. We must delete bad messages immediately and should never take the risk of tasting it. Because once bad messages immediately is consumed they cannot be erased from our mind. 


Therefore inculcate a habit of deleting bad message immediately without reading or watching them.


Mind is the key to healthy body.


Only healthy body can perform well.


There is an old proverb, 

When wealth is lost, nothing is lost; when health is lost, something is lost; when character is lost”.