Details of People Affected by the Assam Floods
The monsoon floods in Assam have impacted over 10 lakh (1 million) people across more than 15 districts.
Worst-Hit Districts: Sivasagar, Charaideo, Dhemaji, Lakhimpur, Jorhat, Dibrugarh, Majuli, and Tinsukia. Sivasagar and Charaideo alone accounted for hundreds of thousands of displaced residents.
Casualties: The death toll reached 85, with several people reported injured or missing during peak inundation waves.
Displacement & Damage: Over 330+ villages were submerged, destroying more than 2,200 houses (fully or partially). Tens of thousands of displaced families were forced to take shelter in government-run relief camps, on elevated embankments, or along roadsides.
Agricultural & Infrastructure Loss: Over 24,000 hectares of cropland were submerged, and extensive damage was caused to roads, bridges, and power grids, cutting off electricity to more than 60,000 households at peak disruption.
विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदान की गई सेवाएं (Services Extended in Hindi)
1. स्थानीय ग्रामीण एवं स्वयंसेवक (Local Volunteers & Villagers)
रेस्क्यू ऑपरेशन: बिना किसी सरकारी सहायता के इंतजार किए, स्थानीय युवाओं और मजदूरों ने अपनी देसी नावों (country boats) और बांस के बेड़ों से उफनती नदियों के बीच फंसे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकाला।
तुरंत भोजन और पानी: जलमग्न इलाकों में कट चुके पड़ोसी परिवारों तक सूखा राशन, मोमबत्तियां और पीने का पानी पहुंचाया।
2. सिख समुदाय एवं गुरुद्वारा समितियां (Sikh Community & Khalsa Aid)
लंगर सेवा: स्थानीय गुरुद्वारों (जैसे शिवसागर गुरुद्वारा और धुबरी साहिब) तथा 'खालसा एड' ने 24 घंटे निरंतर लंगर चलाकर हजारों बाढ़ पीड़ितों को गरम भोजन कराया।
आश्रय एवं बिजली सहायता: बिजली गुल होने के दौरान गुरुद्वारों में जनरेटर चलाकर लोगों को मुफ्त मोबाइल चार्जिंग, रोशनी और पीने का पानी उपलब्ध कराया।
राहत सामग्री: नावों और ट्रैक्टरों के माध्यम से दूर-दराज़ के बाढ़ प्रभावित गांवों में सूखे राशन की किट, तिरपाल (tarpaulins), और पानी साफ करने की गोलियां बांटीं।
3. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) / सेवा भारती (Seva Bharati)
राहत कार्य: 1,900 से अधिक स्वयंसेवकों ने नावों के ज़रिए 380 से अधिक गांवों के 40,000 से अधिक परिवारों तक सहायता पहुंचाई।
स्वास्थ्य सेवा: नेशनल मेडिकोस ऑर्गनाइजेशन (NMO) के सहयोग से 50 से अधिक नि:शुल्क चिकित्सा शिविर (Medical Camps) लगाए, जहां जलजनित बीमारियों का इलाज और मुफ्त दवाइयां दी गईं।
आजीविका पुनरुद्धार: भारतीय किसान संघ के सहयोग से बाढ़ में नष्ट हुई फसलों की भरपाई के लिए किसानों को धान के पौधे (saplings) वितरित किए।
4. सरकारी एजेंसियां एवं रक्षा बल (ASDMA, BRO & Emergency Teams)
राहत शिविर: असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) और SDRF/NDRF की टीमों ने दर्जनों राहत शिविर (Relief Camps) और सामग्री वितरण केंद्र चलाए.
वित्तीय सहायता: असम सरकार ने प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और तात्कालिक सहायता के लिए सीधे बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की।
बीआरओ (BRO): बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन के कर्मियों और उनके परिवारों ने स्वेच्छा से धन और आवश्यक राहत सामग्री एकत्र कर पीड़ितों में बांटी।
5. गैर-सरकारी संगठन (NGOs & Civil Society)
अर्चना बोरठाकुर एजुकेशन ट्रस्ट, प्रियोबंधु और कैरिटास इंडिया: जैसी संस्थाओं ने महिलाओं और बच्चों के लिए सैनिटरी किट, हाइजीन किट, तिरपाल, और बच्चों के लिए अध्ययन सामग्री बांटी।
Appreciation and Gratitude of Rescued Victims
The survivors and rescued residents expressed profound gratitude towards the rescuers and volunteers who stepped up during their most desperate moments:
Unsung Local Heroes: Villagers in Sivasagar and Charaideo tearfully thanked local boatmen and young volunteers who risked their lives in dark, turbulent currents to rescue families stuck on rooftops and high shelves before official teams could reach them.
A Lifeline in Dark Hours: Families stranded on roadsides and in makeshift relief camps expressed immense relief for the round-the-clock langar and dry rations provided by Sikh groups and RSS volunteers, noting that without these hot meals and clean drinking water, children and the elderly would have suffered severe malnutrition and illness.
Gratitude for Medical Camps: Mothers and senior citizens praised the mobile health camps organized by medical volunteers and NGOs, highlighting that timely access to medicines for skin infections and fever saved vulnerable infants during post-flood disease outbreaks.
असम बाढ़ राहत कोष के लिए दान की अपील
"आपकी एक छोटी सी सहायता, किसी का जीवन बचा सकती है"
असम में आई विनाशकारी बाढ़ से लाखों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं और उनके घर, फसलें तथा जीवन भर की जमा पूंजी जलमग्न हो गई है। इस कठिन समय में प्रभावित लोगों को भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयों और सुरक्षित आश्रय की तत्काल आवश्यकता है।
आपकी ओर से दिया गया योगदान बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने और उन्हें पुनर्वास में मदद करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आपके दान का उपयोग कैसे होगा?
आपातकालीन भोजन व पेयजल: बेघर परिवारों तक सूखा राशन, पका हुआ भोजन और पीने का पानी पहुंचाना।
चिकित्सा एवं स्वच्छता किट: जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यक दवाइयां, फर्स्ट-एड किट और सैनिटरी सामग्री।
अस्थायी आश्रय: प्रभावितों के लिए तिरपाल (tarpaulins), कंबल, मोमबत्तियां और मच्छरदानियां।
पुनर्वास व सहायता: जलस्तर घटने के बाद घरों की मरम्मत, किसानों को फसल बीज और बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना।
दान देने के तरीके (How to Donate)
आप निम्नलिखित आधिकारिक और सत्यापित माध्यमों से सीधे योगदान दे सकते हैं:
असम बाढ़ राहत: मदद के लिए आगे आएं!
असम में आई भीषण बाढ़ से लाखों लोग बेघर हो गए हैं। हजारों परिवार इस वक्त भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयों और सिर छुपाने की जगह के लिए तरस रहे हैं।
आपकी छोटी सी मदद किसी का जीवन बचा सकती है।
आप इस प्रकार सहायता कर सकते हैं:
1. मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund - Assam)
Account Name: Chief Minister's Relief Fund, Assam
Account No: 35969660230
IFSC Code: SBIN0010755
Bank: State Bank of India, Secretariat Branch, Dispur
PAN (Tax Exemption 80G): AAATC4667K
2. ऑनलाइन पोर्टल द्वारा दान करें:
cm.assam.gov.in पर जाकर सीधे UPI (GPay/PhonePe/Paytm), नेट बैंकिंग या कार्ड से योगदान दें।
हमारा लक्ष्य:
बेघर परिवारों तक पका हुआ भोजन व राशन पहुंचाना
बच्चों व महिलाओं के लिए चिकित्सा व स्वच्छता किट देना
जलभराव वाले क्षेत्रों में साफ पीने का पानी और तिरपाल प्रदान करना
कृपया इस संदेश को अपने मित्रों और ग्रुप्स में शेयर करें। आपका एक शेयर भी राहत कार्य में बहुत बड़ा योगदान दे सकता है! 🙏
(सुरक्षा नोट: दान केवल आधिकारिक और सत्यापित बैंक विवरण या क्यूआर कोड के माध्यम से ही करें।)
सहायता का हाथ बढ़ाएं
राशि छोटी हो या बड़ी, आपका हर योगदान बाढ़ पीड़ितों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है। यदि आप वित्तीय योगदान करने में असमर्थ हैं, तो इस संदेश को अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करके भी राहत प्रयासों में मदद कर सकते हैं।