सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण) द्वारा लागू की गई कैशलेस इलाज योजना की मुख्य जानकारी:
लागू होने की तिथि एवं अधिसूचना
यह योजना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत वैधानिक रूप से 5 मई 2025 (अधिसूचना संख्या S.O. 2015(E)) से अधिसूचित की गई और इसके विस्तृत क्रियान्वयन दिशानिर्देश 4 जून 2025 को जारी किए गए। चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद इसे राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रभाव में लाया गया है।
योजना के मुख्य बिंदु
निशुल्क इलाज की सीमा: प्रत्येक घायल व्यक्ति को दुर्घटना के समय से अधिकतम 7 दिनों तक या ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज (इमरजेंसी व स्टेबलाइजेशन केयर) मिलता है।
पात्रता (सभी के लिए): यह योजना पूरी तरह सार्वभौमिक है। इसके लिए आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड या किसी पूर्व स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता नहीं है। भारतीय नागरिक हों या विदेशी नागरिक, मोटर वाहन से किसी भी सार्वजनिक सड़क पर घायल होने वाला हर व्यक्ति इसका पात्र है।
अस्पताल का नेटवर्क: आयुष्मान भारत (AB PM-JAY) के तहत संबद्ध (empanelled) सभी अस्पताल और नामित ट्रॉमा केयर सेंटर इसके लिए अधिकृत हैं, जहाँ मरीज को बिना किसी अग्रिम जमा (एडवांस डिपॉजिट) के तत्काल भर्ती करना अनिवार्य है।
समय सीमा की शर्त (गोल्डन ऑवर): दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल पहुँचना आवश्यक है ताकि 'गोल्डन ऑवर' के तहत आपातकालीन जीवन रक्षक चिकित्सा मिल सके।
प्रक्रिया एवं डिजिटल ट्रैकिंग:
आपातकालीन स्थिति में 112 (ERSS) पर सूचना देकर एम्बुलेंस और निकटतम संबद्ध अस्पताल की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस द्वारा e-DAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल पर दुर्घटना दर्ज की जाती है, जो अस्पताल के बिलिंग सिस्टम (TMS 2.0) से स्वतः जुड़ जाती है।
फंडिंग व्यवस्था: इलाज का भुगतान अस्पताल को सीधे मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से किया जाता है, जिसके लिए मरीज या उसके परिजनों को अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ता।
7 दिन या 1.5 लाख के बाद: यदि इलाज की अवधि 7 दिन या खर्च ₹1.5 लाख से अधिक होता है, तो पात्र मरीज इसे अपने आयुष्मान कार्ड (₹5 लाख तक) अथवा अपने निजी बीमा/मोटर थर्ड-पार्टी क्लेम में बदल सकते हैं।
The Government of India has introduced this initiative under the Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) in coordination with the National Health Authority (NHA). Initially piloted in select states, it was formally rolled out under the PM-RAHAT (Cashless Treatment of Road Accident Victims) framework.
Key Features of the Scheme
Coverage Limit: Cashless medical treatment up to ₹1.5 lakh per victim.
Time Duration: Valid for up to 7 days from the date and time of the accident to cover the critical stabilization and "Golden Hour" emergency care.
Universal Eligibility: Applies to any individual injured in a road accident involving a motor vehicle on any public road (national/state highways or city/rural roads), regardless of income or state of residence. No Ayushman Bharat card is required upfront to access this emergency benefit.
Hospital Network: Available at hospitals empanelled under the Ayushman Bharat PM-JAY network, as well as designated trauma care centers.
Procedural Requirement: The hospital admits and begins stabilizing the patient immediately without demanding upfront cash. The incident must be documented with the police (via the integrated e-DAR / Electronic Detailed Accident Report platform) to validate the claim settlement through the NHA portal.
1. योजना का मूल उद्देश्य
* पीएम-राहत (PM-RAHAT): मोटर वाहन दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को तुरंत जीवनरक्षक आपातकालीन चिकित्सा (गोल्डन ऑवर केयर) और स्टेबलाइजेशन उपलब्ध कराना।
* आयुष्मान भारत (AB PM-JAY): चिन्हित गरीब, कमजोर और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य एवं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वार्षिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच देना।
2. पात्रता की शर्तें
* पीएम-राहत: यह योजना पूरी तरह सार्वभौमिक (Universal) है। अमीर-गरीब, ग्रामीण-शहरी या भारतीय-विदेशी का कोई भेद नहीं है। सार्वजनिक सड़क पर मोटर वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हर व्यक्ति इसके लिए पात्र है।
* आयुष्मान भारत: यह लक्षित (Targeted) योजना है। इसके लिए SECC डेटाबेस, राशन कार्ड पात्रता या 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के तहत नाम दर्ज होना आवश्यक है।
3. कार्ड की अनिवार्यता
* पीएम-राहत: किसी भी प्रकार के कार्ड या पूर्व पंजीकरण की जरूरत नहीं होती। दुर्घटना की सूचना और पुलिस ई-डार (e-DAR) प्रविष्टि ही पर्याप्त है।
* आयुष्मान भारत: अस्पताल में कैशलेस भर्ती के लिए सक्रिय आयुष्मान कार्ड (भौतिक या डिजिटल) अनिवार्य है।
4. उपचार की वित्तीय सीमा और अवधि
* पीएम-राहत: दुर्घटना के समय से अधिकतम 7 दिनों तक अथवा ₹1.5 लाख तक का आपातकालीन इलाज कैशलेस मिलता है।
* आयुष्मान भारत: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है (70+ आयु वर्ग के लिए अलग से ₹5 लाख का टॉप-अप उपलब्ध है)। इसमें 7 दिन जैसी कोई समय सीमा नहीं होती।
5. कवर किए जाने वाले उपचार
* पीएम-राहत: केवल सड़क दुर्घटना से जुड़ी आकस्मिक चोटें, आईसीयू/ट्रॉमा केयर, फ्रैक्चर, ब्लीडिंग कंट्रोल और शुरुआती सर्जरी।
* आयुष्मान भारत: कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी सहित लगभग 1,900 से अधिक सामान्य, माध्यमिक और गंभीर मेडिकल/सर्जिकल प्रक्रियाएं।
6. फंड और भुगतान की व्यवस्था
* पीएम-राहत: इसका भुगतान सीधे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से अस्पताल को किया जाता है।
* आयुष्मान भारत: इसका वित्तीय भार केंद्र और राज्य सरकारें 60:40 (या केंद्र शासित प्रदेशों में 90:10/100%) के अनुपात में वहन करती हैं।
7. दोनों का आपसी समन्वय
* यदि किसी सड़क दुर्घटना पीड़ित के पास आयुष्मान कार्ड है, तो पहले 7 दिन या ₹1.5 लाख का खर्च पीएम-राहत फंड वहन करेगा।
* यदि मरीज की स्थिति 7 दिन बाद भी गंभीर रहती है या खर्च ₹1.5 लाख पार कर जाता है, तो शेष इलाज स्वतः उसके आयुष्मान कार्ड के ₹5 लाख वाले कोटे में स्थानांतरित हो जाता है।
