Sunday, October 11, 2026

पुरानी पेंशन योजना (OPS) से नई पेंशन योजना (NPS) की कहानी जानिये



यहाँ पुरानी पेंशन योजना (OPS) से नई पेंशन योजना (NPS) में परिवर्तन की पूरी यात्रा का विस्तृत और स्पष्ट विवरण हिंदी में प्रस्तुत है:

चरण 1: प्रस्ताव और तकनीकी रूपरेखा (1998-2003)

• प्रोजेक्ट ओएसिस (Project OASIS - 2000): सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 1998 में डॉ. एस.ए. दवे की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया था। जनवरी 2000 में सौंपी गई इस रिपोर्ट में सरकार पर बढ़ते पेंशन बोझ को कम करने के लिए "निश्चित योगदान" (Defined Contribution) और पेशेवर रूप से प्रबंधित फंड व्यवस्था की सिफारिश की गई थी।

• भट्टाचार्य समिति की रिपोर्ट (2003): वित्त मंत्रालय द्वारा श्री बी.के. भट्टाचार्य (कर्नाटक के पूर्व मुख्य सचिव) की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समूह का गठन किया गया था। इस समिति ने राज्यों के वित्तीय घाटे का गणितीय विश्लेषण किया और इस अंशदायी मॉडल को लागू करने के व्यावहारिक तरीके सुझाए।

 चरण 2: केंद्र सरकार में कार्यान्वयन (2003-2004)

आधिकारिक अधिसूचना: आर्थिक मामलों के विभाग (Ministry of Finance) ने 22 दिसंबर 2003 को आधिकारिक तौर पर नई पेंशन योजना (NPS) को अधिसूचित किया।

• प्रभावी तिथि: यह योजना 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सेवा में शामिल होने वाले सभी नए केंद्र सरकार के कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए पूरी तरह से अनिवार्य कर दी गई।

• नियामक का गठन: इस पूरी प्रणाली की निगरानी के लिए अंतरिम रूप से पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की स्थापना की गई, जिसे बाद में 2013 में वैधानिक (Statutory) दर्जा मिला।

चरण 3: राज्य सरकारों द्वारा अपनाया जाना (2004 से आगे)

• राज्यों की स्वायत्तता: चूंकि राज्य लोक सेवाएं राज्य सूची का विषय हैं, इसलिए प्रत्येक राज्य को PFRDA के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करके इसे अलग से लागू करना था।

• तेजी से बदलाव: वित्तीय घाटे से बचने के लिए अधिकांश राज्यों ने 2004 से 2006 के बीच अपने नए कर्मचारियों के लिए इसे तेजी से अपनाया।

• अपवाद: पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा प्रमुख राज्य था जिसने उस समय NPS को लागू करने से इनकार कर दिया और अपनी पुरानी पेंशन व्यवस्था जारी रखी (यद्यपि हाल के वर्षों में कुछ राज्यों ने दोबारा OPS की तरफ लौटने की घोषणा भी की है)।

चरण 4: सरकारी बैंक (PSU Banks), सार्वजनिक उपक्रम (PSUs) और अन्य

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks): बैंकों में पेंशन व्यवस्था 1995 के नियमों से चलती थी। बैंक यूनियनों और भारतीय बैंक संघ (IBA) के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते (Bipartite Settlement) के बाद, 1 अप्रैल 2010 या उसके बाद सरकारी बैंकों में भर्ती होने वाले सभी कर्मचारियों को NPS के दायरे में लाया गया।

• सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs): विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों ने बोर्ड की मंजूरी और कर्मचारी यूनियनों से बातचीत के बाद PFRDA के नियमों के तहत कॉर्पोरेट NPS मॉडल अपनाया या अपने अलग अंशदायी फंड बनाए।

• सभी नागरिकों के लिए (2009): इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने 1 मई 2009 से देश के सभी नागरिकों (असंगठित क्षेत्र के कामगारों और अनिवासी भारतीयों सहित) के लिए NPS को स्वैच्छिक रूप से खोल दिया।


The decision to shift from the Old Pension Scheme (OPS) to a contributory model was driven by massive, long-term fiscal strain on government budgets.


Because the OPS was an unfunded "Pay-As-You-Go" system, current taxp ayer revenues were directly funding the pensions of retired employees. As life expectancy rose and salaries increased, the ballooning pension liabilities became mathematically unsustainable for both central and state governments.


The structural evolution that turned this suggestion into law followed a specific timeline:

Project OASIS (2000): The foundational blueprint came from the Project OASIS (Old Age Social and Income Security) Report. This expert committee—originally set up by the Ministry of Social Justice and Empowerment and chaired by Dr. S.A. Dave—strongly advocated for a shift from "Defined Benefit" to "Defined Contribution" to protect the country's economic future.

The Bhattacharya Committee (2003): A High-Level Expert Group on Pension Liabilities, headed by Shri B.K. Bhattacharya (former Chief Secretary of Karnataka), was later formed by the Ministry of Finance. This group mathematically analyzed state pension liabilities and further solidified the economic necessity of transitioning to a participatory fund.

The Launch of NPS (2004): Backed by these institutional recommendations, the Government of India officially notified the New Pension Scheme (now the National Pension System). It became mandatory for all central government new recruits joining on or after January 1, 2004 (excluding the armed forces), formally requiring employees to co-contribute to their retirement corpus.

दिसंबर 2003 में नई पेंशन योजना (NPS) को अधिसूचित करने और 1 जनवरी 2004 से इसे लागू करने वाली सरकार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार थी, और उस समय भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी थे।

इसके ठीक बाद, इसके चरणबद्ध कार्यान्वयन (Phase-wise implementation) को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में इसे पूरी तरह लागू करने का कार्य संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार और उसके बाद की राजग (NDA) सरकारों द्वारा किया गया।

विभिन्न चरणों के दौरान सरकारों और प्रधानमंत्रियों का सटीक विवरण इस प्रकार है:


1. एनपीएस की शुरुआत और केंद्र सरकार में कार्यान्वयन (2003–2004)


• प्रधानमंत्री: श्री अटल बिहारी वाजपेयी

• सरकार: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA-1) सरकार

• मुख्य भूमिका: इस सरकार ने दिसंबर 2003 में एनपीएस (NPS) की आधिकारिक अधिसूचना जारी की और 1 जनवरी 2004 से केंद्रीय सेवाओं में नए कर्मचारियों के लिए इसे अनिवार्य रूप से लागू किया।


2. राज्यों में विस्तार और पीएफआरडीए अध्यादेश (2004–2014)


• प्रधानमंत्री: डॉ. मनमोहन सिंह

• सरकार: संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1 और UPA-2) सरकार

• मुख्य भूमिका: इस कार्यकाल के दौरान अधिकांश राज्य सरकारों ने एनपीएस को अपनाया। साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) में 1 अप्रैल 2010 से इसे लागू करने का ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौता इसी दौरान हुआ। 2013 में संसद द्वारा पीएफआरडीए (PFRDA) अधिनियम को पारित कर इसे वैधानिक दर्जा भी इसी सरकार में दिया गया।


3. नियमों में सुधार और हालिया बदलाव (2014–Present)


• प्रधानमंत्री: श्री नरेंद्र मोदी

• सरकार: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA-2, NDA-3 और वर्तमान) सरकार

• मुख्य भूमिका: इस सरकार ने एनपीएस को अधिक आकर्षक बनाने के लिए सरकारी योगदान को 10% से बढ़ाकर 14% किया और निकासी (withdrawal) को पूरी तरह टैक्स-फ्री किया। इसके अतिरिक्त, हाल ही में एनपीएस के समानांतर एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme - UPS) को मंज़ूरी दी गई है।

क्या आप वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा एनपीएस में किए गए हालिया टैक्स सुधारों या नई यूपीएस (UPS) योजना के नियमों के बारे में हिंदी में जानना चाहेंगे?


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