Tuesday, February 13, 2024

Good People to Bank


Dear Activist Sisters & Bros,


It is a matter of pride to work with good people for a noble cause. There is self-satisfaction that we all are of use to someone. The people associated with the Forum have the same goal and resolve. They are working as the voice of lakhs of elderly nameless , faceless Pensioners, who are struggling with financial constraints and health security problems.


We Activists will not regret that we did not raise our voice against injustice. We are a few people in lakhs, but wherever the Pensioners are, they can hear our footsteps. We are glad that we are not a bunch of sheep..


As far as the result is concerned, we should not get distracted. One day we will win. Nothing is impossible with strong will and dedicated efforts. Whatever has happened so far, we need to take it positively and for what has not happened, we have to try harder.


We expect the following from you:


1. We have to move forward step by step. Our messages and programs have to reach every Pensioner.


2. The number of Activists has to be increased. For this, every Activist has to add at least three new Activists to the Forum every month.


3. There are some passive Activists among us, who never actively participate in the activities of the Forum. There are some people who keep sending not just one good morning but half a dozen messages or many pictures of Gods and Goddesses. We respect their sentiments, but we appeal to them to behave with restraint.


4. The Forum is a voluntary organisation, self-financed. Therefore, every Activist owe some responsibility towards this. Contribute to your ability.


Regards,


(J. N. Shukla)




नेक काम के लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना गौरव की बात होती है। आत्मसंतुष्टि होती है कि हम सब किसी के काम आ रहे हैं। फोरम से जो लोग जुड़े हैं, उनका ध्येय और संकल्प एक है। वे लाखों वयोवृद्ध पेंशनर्स की आवाज बनकर काम कर रहे हैं, जो आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य सुरक्षा की समस्याओं से जूझ रहें हैं।


हम एक्टिविस्ट्स को इस बात का अफसोस नहीं रहेगा कि हमने अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। हम लाखों में कुछ लोग हैं, लेकिन पेंशनर जहां भी हैं, हमारे कदमों की आहट उन्हें सुनाई देती है। हमें खुशी है कि हम भेड़ों के झुंड नहीं हैं..


रहीं बात परिणाम कि तो हमें विचलित नहीं होना है। एक दिन हम जीतेंगे। दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पित प्रयास के आगे कुछ भी असंभव नहीं है। अभी तक जो कुछ भी हुआ है, उसे सकारात्मकता से लेने की जरूरत है और जो नहीं हो सका है, उसके लिए हमें और ताकत से प्रयास करना हैं।


हम आपसे निम्नलिखित बातों की अपेक्षा रखते हैं:


1. हमें कदम से कदम मिला कर चलना है। हमारे संदेशों और कार्यक्रमों को हर पेंशनर तक पहुंचाना है।


2. एक्टिविस्ट की संख्या बढ़ानी है। इसके लिए हर एक्टिविस्ट को हर महीने कम से कम तीन नये एक्टिविस्ट फोरम से जोड़ने हैं।


3. हमारे बीच कुछ निष्क्रिय एक्टिविस्ट्स हैं, जो कभी फोरम की गतिविधियों में सक्रियता से भाग नहीं लेते। कुछ लोग हैं जो गुड मार्निंग के एक नहीं आधा दर्जन संदेश या देवी -देवताओं के अनेकों चित्र भेजते रहते हैं। हम उनकी भावनाओं का आदर करते हैं, लेकिन हम उनसे संयत व्यवहार करने की अपील करते हैं।


4. फोरम एक स्वैच्छिक संगठन है, जो स्व-वित्तपोषित है। इसलिए, प्रत्येक कार्यकर्ता की इसके प्रति कुछ जिम्मेदारी बनती है। यथाशक्ति योगदान भी करें।

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